अलीगढ़ में भाजपा नेता के बेटे ने सपा नेता पूरनमल प्रजापति के बेटे की गोली मार कर की हत्या

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Aligarh, Uttar Pradesh) ब्यूरो रिपोर्ट। अलीगढ़ के पला साहिबाबाद में 18 फरवरी 2020 को अलीगढ़ की नुमाइश में होने वाले पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के लिए पर्चा बांट रहे पिछड़े वर्ग के सपा नेता आचार्य पूरनमल प्रजापति की मोटर साईकिल में भाजपा नेता और सट्टा किंग ईस्वर चंद उपाध्याय के बेटे ने अपने तीन साथियों सहित टक्कर मार देने पर हुए विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद आचार्य पूरनमल प्रजापति के छोटे बेटे सचिन को ईस्वर चंद के बेटे सचिन उर्फ पाली ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बाइक की टक्कर के बाद अमित उपाध्यक्ष ने आचार्य पूरनमल प्रजापति के मुंह पर घूंसा मार दिया और भागकर घर से अपने दबंग छोटे भाई सचिन उर्फ पाली और उसके साथी को बुला लाया जिसने तमंचे से फायरिंग कर दी। इसमें सपा नेता के बेटे सचिन की मौत हो गई, जबकि भाई देवराज घायल हो गया।
 गोलीबाज़ी से दोनों पक्षों में जमकर ईंट, पत्थर चले और आक्रोशित भीड़ ने हमलावरों की बाइक को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिसबल के साथ एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, एसपी ट्रैफिक अज़ीजुल हक़, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर सासनी गेट आदि मौके पर पहुंच गए और मामले को संभालने में लग गए।
   अलीगढा महानगर के सासनीगेट थाने के पला साहिबाबाद में हुई सपा नेता के बेटे की हत्या और बवाल के पीछे की असल वजह वर्चस्व की लडाई है। लंबे समय से -दोनों गुट इलाके में अपनी बादशाहत कायम करने के आमने-सामने थे। भाजपा नेता के बेटों ने सत्ता की धमक के साथ अपनी दहशत भी बनाने के लिए गोलाबारी को अंजाम दिया। यह सब भीड़ की मौजूदगी में हुआ । इससे पहले हमलावरों ने बुजुर्ग सपा नेता के चेहरे पर घूंसा भी जड़ा।  वहीं दूसरी ओर हमलावरों की आए दिन की दबंगई रने आजिज लोगों का गुस्सा गुबार बनकर फूट पड़ा और पब्लिक ने हमलावर पक्ष के तीन लोगों को पुलिस हिरासत में ही पीट दिया। इतना ही नहीं, जैसे-तैसे पुलिस उन्हें बचाकर ले गई तो पुलिस के सामने ही हमलावरों की बाइक को आग के हबालेकर दिया। खैर, समय रहते शहर भर का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और हालात नियंत्रित कर लिए गए। वरना, भीड़ इस कदर उत्तेजित थी कि हमलावरों को पुलिस चौकी में घुसकर पोटने को तैयार थी। बाद में उम्हें पुलिस बचाकर थाने ले गई। फिलहाल, मौके पर और आरोपियों के घरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फरांर मुख्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है । "इलाके के जानकार लोग बताते हैं कि सपा शासनकाल से ही इलाके में प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेता पूरनमल प्रजापति का ठीकठाक रसूख बना हुआ है। उनके बेटों का भी दबदबा है। अब भाजपा सरकार आने के बाद से बगल के भगवान नगर इलाके में रहने वाले भाजपा नेता ईश्वर चंद्र उपाध्याय व उनके बेटे अपना रसूख कायम करने को पुरजोर कोशिश में हैं। ईश्वर चंद पूर्व में जेल भी जा चुका है। उसका छोटा बेटा सचिन उर्फ पाली दबंगई में रहता है। आए दिन झगडे करना, लोगों को डराना धमकाना, बेवजह मारपीट करना उसका शोक है। इलाके के लोगों का आरोप है कि पुलिस तक बात पहुंचती है तो पार्टी नेताओं, विधायक से लेकर सांसद, तक की सिफारिशों के चलते वह छुट जाता है। इसलिए उसके हौसले बुलंद हैं। आरोप यह भी है कि वह इलाके में सट्रटा करने चालों को संरक्षण देता है ओर उनसे रंगदारी भी वंसूलता है, जिसका पूरनेमल प्रजापति कई बार विरोध कर चुके हैं, जिसे लेकर दोनों पक्षों तनातनी है। एक माह पहले भी झगडा हुआ था। उस समय लोगों ने जैसे-तैसै शांत करा दिया था । मगर अपना रसूख बढाने और इलाके में वर्चस्व कायम काने के लिए टक्कर के बहाने ईश्वर चंद्र के बड़े बेटे ने पहले बुजुर्ग पूरनमल को पीट दिया और जब बात बिगड़ी तो अपने छोटे भाई दबंग सचिन पाली को बुलाकर गोली चलवा दी। इस घटना के बाद पब्लिक उग्र जरूर हुई। मगर जब भारी पुलिस बल आ गया और भीड को नियंत्रित कर लिया गया तो भाजपा नेता की दवंगई की दहशत से कोई मौके पर आरोपी पक्ष का नाम लेने तक को तैयार नहीं था। इससे उनकी दहशत और दबंगई का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक व्यक्ति ने बमुश्किल बताया कि आठ दिन पहले उसके यहां आए एक हार्डवेयर कारोबारी को इन्हीं लोगों द्वारा वेवजह पीटा गया था। 
     इस घटना के संबंध में देर रात पूरनमल प्रजापति की ओऱ से मेडिकल कॉलेज में ही तहरीर लिखकर पुलिस को दे गई थी। जिसमें सुमित उपाध्याय, सचिन उपाध्याय उर्फ पाली,  अमित उपाध्याय, जितेंद्र कुमार उर्फ पल्सर, राहुल उर्फ कालू को नामजद व अन्य अज्ञात साथियों को आरोपी बनाया गया है। तहरीर के अनुसार इंन लोगों ने पहले बाइक से टक्कर मारी और फिर बदतमीजी करते हुए दस हजार रुपये की रंगंदारी मांगते हुए कहा है कि, अगर इलाके में रहना है तो रुपये देने होंगे। रुपया न देने पर अपने अन्य साथियों को बुलाकर फायरिंग करने, एक बेटे की हत्या करने व भाई को गोली मारने का आरोप लगाया है। 
   टक्कर पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई तो आरोप है कि अमित ने पूरनमल संग मारपीट कर दी और उन्हें वहां से धमकाते हुए भाग जाने को कहा। यह देख लोग अवाक तो रह ही गए, साथ में नागेंद्र ने अपने घर पिता की पिटाई की सूचना दे दी। इस खबर पर उनके बड़े बेटे व भाई आदि आ गए और दोनों पक्षों में मारपीट हुई तो अमित पक्ष ने उन पर पथराव कर दिया। इस सूचना पर पहुंची लेपर्ड ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को चौकी चलने की बात कही। इस दोरान गोलू  योगेश व एक अन्य को पुलिसकर्मियों ने हिरासत में ले लिया, जबकि अमित वहां से भागकर अपने घर पहुंच गया। इधर, सपा नेता के समर्थन में एकत्रित भीड ने तीनों को पुलिस हिरासत में ही पीटना शुरू कर दिया तो उन्हें चौकी के बराबर एक दुकान में बंद किया गया। इसी बीच इंस्पेक्टर सासनी गेट मोके पर आ गए और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान दूसरे पक्ष ने यह शोर मचाया कि इन्होंने भी तो मारपीट की है फिर इम्हें क्यों नहीं हिरासत में लिया। इस पर पूरनमल को भी चौकी ले जाया जा रहा था। इसी बीच अमित अपने छोटे भाई सचिन उर्फ पाली और इलाके के ही एक हिस्टीशीटर को पल्सर बाइक पर लेकर आया और उन्होंने आते ही पुलिस चौकी से चंद कदम पहले तमंचे से फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में एक गोली पूरनमल के तीसरे नंबर के बेटे सचिन की गर्दन में व छोटे भाई देवराज के सिर को छूती हुई निकल गई। इसके बाद हमलावर भागने लगे तो भीड़ फिर उग्र हो गई और उन पर पथराव किया। इस पर उनकी बाइक छुट गई, जिसे भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। बवाल बढने की सूचना पर मौके पर पहुंचे आला पुलिस अधिकारियों ने भीड को नियंत्रित किया गया। इस दौरान अमित उपाध्याय को भी हिरासत है में ले लिया गया। इधर, घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। देवराज का इलाज चल रहा है। बाद में एसएसपी आकाश कुलहरि ने मेडिकल कॉलेज पहुंच घटना की जानकारी ली। मृत सचिन के पिता पूरनमल प्रजापति व उनके परिवार के लोगों ने मेडिकल काँलेज में आरोप लगाया कि ईश्वर चंद उपाध्याय व उनके बेटों को शहर विधायक संजीव राजा संरक्षण प्राप्त है। यह लोग उन्हीं के दम पर दबंगई कर रहे हैं और गलत धधे करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हिरासत में लिए गए हैं, वह थाने में बैठकर यह कह रहे थे कि कोई कुछ भी क़र लो, पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। यह उनकी दबंगई और राजनीतिक संरक्षणन का ही नतीजा है।
  खबर मिलते ही अतिपिछड़ा अधिकार के अध्यक्ष एडवोकेट जबाहरलाल बघेल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व नगर विधायक जफर आलम, पूर्व महानगर, अध्यक्ष अब्बू इशहाक, सपा नेता विनोद सविता, काशिफ आब्दी आदि तमाम नेता मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। जहां उन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी का आरोप लगाया और कहा कि अगर जल्द से जल्द गिरफ्तारी व कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इस मामले में पार्टी हाईकमान को भी अवगत कराया गया है।