कोरोना लॉक डाउन तोड़ने पर केंद्र सरकार ने दिये सख्त निर्देश, 14 दिन की कोरन्टीन में रखने के लिए दिये आदेश



नई दिल्ली। कोरोना लॉक डाउन तोड़ने पर केंद्र सरकार ने दिये सख्त निर्देश, 14 दिन की कोरन्टीन में रखने के लिए दिये आदेश।

      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया है इसका मकसद कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकना है। इस दोरान लोगों को घरों में रहने को कहा गया है।

       केंद्र सरकार ने कोरोना की रोकथाम रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। सभी राज्यों को निर्देश देते हुए केंद्र सरकार के सचिव ने कहा है लॉकडाउन तोड़ने वालों को 14 दिन के लिए कोरन्टीन में रखा जाए। सभी हाई वे और जिलों की सीमाओं को पूरी तरह से लॉक किया जाय। जरूरत मंदों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायँ। सड़कों पर पैदल निकल कर घरों को लौटाने वालले मजदूरों या अन्य सभी को जहां हैं वहीं रोकने और 14 दिन तक कोरन्टीन में रखने के शख्त निर्देश दिये गए हैं। निर्देशों में कहा गया है, लॉक डाउन लागू करने की जिम्मेदारी जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी की होगी।

     मन की बात कार्यक्रम में रेडियो पर लोगों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा लोगों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगता हूं, लेकिन इसके अलावा कोरोना से बचाने का और कोई रास्ता नहीं है। क्योंकि यह एक वैश्विक लाइलाज महामारी की बीमारी है, जो पूरी दुनिया में तेज़ी से फैल रही है। इसलिए लोगों से संयम बनाये रखने और सहयोग करने की अपील की गई है।

क्या है लॉक डाउन -

लॉकडाउन एक इमरजेंसी व्यवस्था है जो महामारी या किसी प्राकृतिक आपदा के वक्त किसी इलाके में लागू होती है। लॉकडाउन की स्थ‍िति में लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। उन्हें सिर्फ दवा या खाने-पीने की जरूरी चीजों के लिए घर से बाहर निकलने की इजाजत होती है। आइए लॉकडाउन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
1. लॉकडाउन का मतलब क्या है ?
लॉकडाउन वह स्थिति है जब लोगों को एक सीमित इलाके में कैद कर दिया जाता है। वास्तव में इसमें आम लोगों को बाहर जाने से रोक दिया जाता है। लॉकडाउन का मतलब यही है कि आप जहां पर हैं, वहीं रहें। लॉकडाउन में आपको किसी बिल्डिंग, इलाके, या राज्य, देश तक सीमित किया जा सकता है।
2. लॉकडाउन में सब कुछ बंद हो जाता है ?
किसी इलाके में लॉकडाउन के दौरान सामान्य तौर पर जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित नहीं जाती है। इसमें राशन, मेडिकल से जुड़ी चीजें, बैंक, दूध-मीट आदि की दुकान चलती रहती हैं। लॉक डाउन में गैर जरूरी गतिविधियों को रोक दिया जाता है। यात्रा पर रोक इसमें अहम है। यातायात के सार्वजनिक साधनों को लॉकडाउन में बंद कर दिया जाता है।
3. लॉकडाउन होने पर आप क्या करें ?
अगर आपके इलाके को लॉकडाउन किया गया है तो आपको अपने घर में रहना चाहिए। आप अपने घर से तभी निकलें, जब बहुत जरूरी काम हो। लॉकडाउन में सामान्य कामकाज की इजाजत नहीं होती। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवा के दायरे में नहीं आने वाली किसी कंपनी के खुला रहने पर सख्त ऐक्शन लिया जा सकता है।
4. क्या लॉकडाउन में नौकरी करने नहीं जायें ?
भारत में लॉकडाउन के दौरान निजी कंपनियों को भी कर्मचारियों से घर से काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। दिहाड़ी मजदूरों को केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी तरफ से आर्थिक सहायता देने की बात की है। सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि कंपनियां लॉकडाउन की अवधि की सैलरी नहीं काट सकतीं।
5. क्या कुछ हफ्ते का राशन जुटा कर रख लेना चाहिए?
लॉकडाउन से आपको डरने की जरूरत नहीं है। आपको बहुत सा सामान खरीदकर रखने की भी जरूरत नहीं है। सरकार ने रोज काम आनेवाली चीजों या उन्हें बेचने वाले दुकान को बंद नहीं किया है। ट्रांसपोर्ट पर पाबंदी की वजह से आपको दुकान पर स्टॉक में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है, इसलिए सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही सामान खरीदें।
6. कोरोना का खतरा कितना बड़ा है ?
इंडियन सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च के हिसाब से इस समय भारत में कोरोना वायरस दूसरे स्टेज में है। अभी विदेश से आए लोगों और उनसे मिलने वाले लोगों को ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. कोरोना वायरस के स्टेज तीन में पहुंचने पर स्थिति खराब हो सकती है। कम्युनिटी ट्रांसमिशन के बारे में मंगलवार को पता चल सकेगा।
7. हेल्थ इमरजेंसी में क्या करें ?
अगर लॉकडाउन की अवधि में आपके परिवार में कोई मेडिकल इमरजेंसी होती है तो केंद्र और राज्य सरकार की आपातकाल स्थिति के लिए मेडिकल सेवा चालू हैं। हर इलाके में हॉस्पिटल, फार्मेसी चालू हैं। आप इलाज कराने या दवा लेने जा सकते हैं।

    




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