समाज जोड़ो एवं एन.जी.टी. काले कानून के विरोध में सुल्तानपुर में जागरूकता सम्मेलन का हुआ आयोजन

सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश (Sultanpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर उमेश कुमार निषाद की रिपोर्ट। आज दिनाँक 09-03-2020 को विकास खण्ड लम्भुआ क्षेत्र के बरुआ उत्तरी गांव में मोस्ट  समाज जोड़ो एवं एन.जी.टी. काले कानून के विरोध में जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
         उक्त अवसर पर मोस्ट कल्याण संस्थान के निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरुजी" ने कहा कि अस्तित्व बचाने के लिए गाँव-गाँव जागरूकता अभियान के माध्यम से आगामी 6 जून को लाखों की तादात में सीताकुण्ड में महाजल समाधि कार्यक्रम के माध्यम से लखनऊ, दिल्ली में बैठी निष्ठुर सरकारों के साथ-साथ मानवाधिकार आयोग और संयुक्त राष्ट्र संघ तक को सरकार की निर्दयता से अवगत कराना है कि एन.जी.टी. की आड़ में नाजीवादी फरमान के विरुद्ध सुलतानपुर में आहत-पीड़ित-क्षुब्ध लाखों की संख्या में जल समाधि लेने को मजबूर हो गए हैं।मानवाधिकारवादियों के समर्थन व अंतर्राष्ट्रीय दबाव से इस फरमान को वापस कराया जा सकता है। जिला संयोजक ज़ीशान अहमद ने कहा कि सरकार के फ़ासीवादी फरमान के विरुद्ध अस्तित्व बचाने के संघर्ष में मल्लाह की औलादों के साथ अल्लाह की औलादें मिलकर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। विजय बहादुर बौद्धाचार्य ने कहा कि इस विरोध महासंघर्ष में एकजुटता के साथ-साथ उद्देश्य के प्रति समर्पण और एकरूपता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
         उक्त अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि वृंदा प्रसाद निषाद, राजेश निषाद, महावीर रजक, पूर्व प्रधान रामप्यारे निषाद सहित दर्जनों वक्ताओं ने किसी भी कीमत पर एन.जी.टी. फरमान को किसी भी दशा में लागू न होने देने के लिए संघर्ष की अपील की। शिक्षक दिलीप निषाद, प्रधान नन्हेराम निषाद, हरिशंकर बौद्ध, लाल बहादुर बौद्ध, रणजीत निषाद, हरीराम निषाद सहित हजारों की तादात में लोगों ने आगामी 6 जून को भारी तादात में सीताकुण्ड में जल समाधि का  संकल्प लिया।
         कार्यक्रम का संचालन राजकुमार कपूर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सोनू निषाद, जितेंद्र निषाद, डा. अमरनाथ निषाद, सुरेंद्र निषाद, रामकुमार निषाद, मुकेश निषाद, सुनील निषाद, विजय बहादुर बौद्धाचार्य, सोनू निषाद, जय प्रकाश निषाद, सूरज निषाद, अभिषेक, राकेश निषाद, रवि प्रकाश निषाद, राम कैलाश, नरसिंह निषाद की उल्लेखनीय भूमिका रही।