छात्रों की तरह लॉक डाउन में फंसे मजदूरों को भी सरकारी साधनों से उनके घर पहुंचाये सरकार-विशम्भर प्रसाद निषाद ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
बाँदा, उत्तर प्रदेश, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट। बाहर के राज्यों में उ.प्र.के मजदूर लॉक डाउन के समय से फंसे हुए हैं। उन्हें राशन भोजन पानी न मिलने से भूखे मर रहे हैं। राज्य सभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद जी ने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर मांग की है कि राजस्थान कोटा से लाए गये छात्रों की तरह निशुल्क सरकारी संसाधन लगाकर मजदूरों को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई जाय। 

 

   पत्र 


मा० प्रधान मंत्री जी भारत सरकार दिल्ली 

 

मान्यवर, सादर अवगत कराना है कि उस्तर प्रदेश के दिहाडी मजदूर/कामगार देश के विभिन्न राज्यों में रोजो-रोटी के लिए दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे। लॉक डाउन के समय से फ़से हुए हैं जो लगातार उत्तर प्रदेश में अपने घर आने की माँग कर रहे हैं। नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढते संक्रमण के रोकथाम व बचाव हेतु लगाये गये लॉक डाउन के कारण दिहाड़ी मजदूर उतार प्रदेश के विभिन्न जिलों से देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छस्तीसगढ, झारखण्ड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, आध प्रदेश. तमिलनाडू, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली, दमनद्विप, दादरा व नगर हवेली, गोवा, चण्डीगढ आदि राज्यों के विमिन्न जिलों में दिहाड़ी मजदूर परिवार सहित लॉकडाउन के समय से उनकी माली हालत वहुत खराब हो गई है, ज्यादातर मजदूरों को खाने-पीने के लिए राशन/भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, लगातार लोगों द्वारा फोन व सोशल मीडिया तथा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है। कुछ मजदूर सैकडों किलोमीटर परिवार सहित पैदल चलकर अपने घर आ रहे थे जिन्हें रास्ते में ही कई राज्यों में क्वारंटीन सेन्टर में क्यारंटाइन किया गया है, परन्तु 14 दिन बीतने के बाद में उनको निशुल्क संसाधन लगाका उनकें गृह जनपद के लिए नहीं भेजा जा रहा है। 

   इसलिए राज्य सरकारों से राज्यवार सर्वे कराकर ऐसे दिहाड़ी मजदूरों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण कराकर जो कोरोना वायरस कोविड-19 से पीडित नहीं है उनको उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में घर तक पहुंचाने हेतु निशुल्क सरकारी संसाधन लगाया जाना आवश्यक है । 

अत: आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त का अवलोकन कर उत्तर प्रदेश राज्य के दिहाड़ी मजदूर जो देश के विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन के समय से फसे हैं, राज्यवार सर्वे कराकर ऐसे दिहाडी मजदूरों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण कराकर जो कोरोना वायरस कोविड-19 से पीडित नहीं हैं उनको नि:शुल्क सरकारी संसाधन की व्यवस्था कराकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में घर तक पहुँचाने की कृपा करें । 

 

  (विशम्भर प्रसाद निषाद)

 



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