लॉक डाउन का अब 17 मई का ना करें, इंतज़ार

एकलव्य मानव संदेश। सरकार एक निश्चित समय तक ही लॉक डाउन रख सकती है। धीरे धीरे लॉक डाउन खत्म हो जाएगा सरकार भी इतनी सख्ती नहीं दिखाएगी क्योंकि-
सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है।
बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश में देख ही रहे हैं।
अब जो समझदार हैं वह आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका समझ ले। 


    सरकार 24 घंटे  365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी।
आपके एवं आपके परिवार का भविष्य आपके हाथ में है।
लॉक डाउन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकलें एवं काम पर जायें।
व नीयत नियमानुसार ही अपना कार्य करें। क्या लगता है। आपको, 17 मई के बाद एकाएक कोरोना चला जायेगा, हम पहले की तरह जीवन जीने लगेंगे ?
नहीं, कदापि नहीं।
ये वायरस अब हमारे देश में जड़ें जमा चुका है, हमे इसके साथ रहना सीखना पड़ेगा।
कैसे ?
सरकार कब तक लॉक डाउन रखेगी ?
कब तक बाहर निकलने में पाबंदी रहेगी ?
हमे स्वयं इस वायरस से लड़ना पड़ेगा, अपनी जीवन शैली में बदलाव करके,
अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग करके।
हमे सैकड़ों साल पुरानी जीवन शैली अपनानी पड़ेगी।
शुद्ध आहार लें, शुद्ध मसाले खाएं
आंवला, एलोवेरा, गिलोय, काली मिर्च, लौंग आदि पर निर्भर हों,
एन्टी बाइटिक्स के चंगुल से खुद को आज़ाद करें।
अपने भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी, फ़ास्ट फ़ूड, पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड्रिंक भूल जाएं


   अपने बर्तनों को बदलना होगा, एल्युमिनियम, स्टील आदि से हमें भारी बर्तन जैसे पीतल, कांसा, तांबा को अपनाना होगा जो प्राकृतिक रूप से वायरस की खत्म करते हैं।


अपने आहार में दूध, दही, घी की मात्रा बढ़ानी होगी
भूल जाइए जीभ का स्वाद, तला-भुना मसालेदार, होटल वाला कचरा।
कम से कम अगले 2 -3 साल तक तो ये करना ही पड़ेगा।
तभी हम सरवाइव कर पाएंगे। जो नहीं बदले वो खत्म हो जाएंगे।
इस बात को मान कर इन पर अमल करना शुरू कर दें।
(साभार सोशल मीडिया)