मजदूरों के प्रति लापरवाही को उजागर कर रही हैं रेलों का संचालन-मुकेश सहानी

एकलव्य मानव संदेश।
यह पूरी तरह से साफ है कि कोरोना काल में जारी अनप्लांड लॉकडाउन में सरकार ने मजदूरों और गरीबों के प्रति अपनी तमाम तरह की जिम्मेदारियों से नाता तोड़ लिया है। प्रवासी मजदूरों को वापस गृह राज्य पहुंचाने के मामले में सरकारें सिर्फ खानापूर्ति करती दीख रहीं हैं। पहले सरकार ने लापरवाही तथा संवेदनहीनता दिखाते हुए मजदूरों को सड़कों पर और रेलवे ट्रैक पर मौत से जूझने के लिए छोड़ दिया। अब सरकार द्वारा चलाए जा रहे श्रमिक ट्रेनों में भी मजदूर मौत से लड़ रहे हैं।



      प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य छोड़ने के लिए चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों का बुरा हाल है। ट्रेनें अपने गंतव्य को छोड़कर दूसरी जगह पहुंच जा रही है। ट्रेन में सुविधा तथा भोजन-पानी के अभाव में मजदूर और उनके परिवार के सदस्य ट्रेन में ही दम तोड़ रहे हैं। लगातार तेज होती गर्मी में भूख और प्यास से उनका दम छूट रहा है।
       कोरोना काल में सरकार की विफलता पूरी तरह से उजागर हो रही है। जिन वायदों के कारण जनता ने सरकार को चुना था, सरकार ने उन तमाम वायदों से पल्ला झाड़ लिया है। जिस जनता ने सरकार को चुना था, सरकार उसी जनता के साथ विश्वासघात कर रही है। यह कहना है वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहानी का।