डॉक्टरों की लापरवाही से मृत सुमन कश्यप की डेड बॉडी कर रही है 32 घंटे से पोस्टमार्टम का इंतजार

बागपत, उत्तर प्रदेश, एकलव्य मानव संदेश के लिए सुभाष चन्द्र कश्यप की रिपोर्ट। 2 जून 2020 दोपहर ढाई बजे तक भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है, जब की मौत 1 जून 2020 को प्रातः 9:00 बजे लगभग हो गई थी सुमन कश्यप की रिपोर्ट। सुमन कशयप का पोस्टमार्टम  2 जून 2020 को  दोपहर 2:30 बजे तक भी नहीं हुआ, जबकि सुमन की मृत्यु 1 जून  2020 को यानी  लगभग 32 घंटे पहले सरकारी अस्पताल सीएचसी छपरोली में डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण 1 जून 2020 को प्रातः लगभग 9:00 बजे हो गई थी।


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    परिजनों  के अनुसार कभी डॉक्टर कहते हैं कि कागज नहीं आए, कभी पुलिस कहती है कि कागज आएंगे, गरीबों के साथ इससे बढ़िया मजाक और क्या होगा।
    यह खबर आज 2 जून 2020 में दिन के 2:30 बजे की है और मृतक सुमन कशयप के पति लोकेंद्र कश्यप भी पोस्टमार्टम हाउस जिला चिकित्सालय बागपत पर रोते बिलखते बैठे हुए हैं।
    आपको बता दें बागपत जनपद के थाना क्षेत्र के रमाला के ककड़ीपुर गांव का यह मामला प्रकाश में आया है। 1 जून की सुबह 7 बजे की घटना सीएचसी हॉस्पिटल की घटना बताई जा रही है। म्रतक महिला की डिलीवरी होनी थी। म्रतक के परिवार को डॉक्टर कई दिनों तक घुमाते रहे, जब डिलीवरी का वक्त आया तो डॉक्टर हॉस्पिटल में मोजूद नहीं थे। डॉक्टरों की घोर लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई। म्रतक परिवार के लोगो का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से घटना हुई है। अर्जेंट मलिक डॉक्टर को हटाने की मांग पीड़ित परिवार के साथ ग्रामीण अड़ गए थे। और परिवार को 5 लाख रुपया की आर्थिक सहायता की तत्काल मांग सरकार से कर रहे थे।
1 जून 2020 छपरोली सरकारी अस्पताल में सुबह लगभग 7:00 बजे सुमन कश्यप, धर्मपत्नी लोकेंद्र कश्यप पुत्र स्वर्गीय राजपाल कश्यप, गांव ककडीपुर, तहसील बड़ौत, जनपद बागपत उत्तर प्रदेश, के परिवार के लोग सुमन कशयप को लेकर सीएचसी छपरोली में गए थे सरकारी एंबुलेंस के माध्यम से। परिवार के लोगों का आरोप है सुमन कशयप की मौत सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। सुमन के डिलीवरी होने वाली थी। पेट में बच्चा भी बताया जा रहा है।
   जहां पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स ने पिछले कुछ दिनों से हालत सामान्य बताते हुए घर भेज दिया जाता था और 1 जून को वह अपनी जान सीएचसी छपरोली में गवा बैठी। पीड़ित परिवार का आरोप है यह मौत लापरवाही डॉक्टर्स की है। इस मौत से ककड़ीपुर गांव में मृतक सुमन कशयप के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। लोकडाउन का बहाना शायद अच्छा है। गरीब लोगों की जान यूं ही चली जाएगी लेकिन किसी को अकल नहीं आएगी।
    जिलाधिकारी महोदय, मुख्यमंत्री महोदय और जिम्मेदार अधिकारियों से निवेदन है, अगर गरीब लोगों की जान ऐसी जाती रही तो गरीब का भरोसा आप जिम्मेदार लोगों से उठ जाएगा और मांग है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और न्याय दिलाया जाए।
    एक नहीं हजारों केस बागपत जनपद में होते जा रहे हैं। यह उचित नहीं है सबसे ज्यादा कश्यप समाज के लोगों पर ही प्रैक्टिस की जाती है, चाहे डॉक्टर से चाहे अन्य अधिकारी हों सब ही गरीब लोगों में भी हमारे कश्यप समाज के ऊपर ही प्रैक्टिस करते हैं।