जमीन पर कब्जा नहीं तो चीन से क्या बात कर रही सरकार? सच्चाई बताएं गृह मंत्री: ओवैसी

जमीन पर कब्जा नहीं तो चीन से क्या बात कर रही सरकार? सच्चाई बताएं गृह मंत्री: ओवैसी
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। ओवैसी ने सवाल किया है कि सरकार को चीन के साथ जारी बातचीत की सच्चाई देश को बतानी चाहिए।


कोरोना संकट के बीच पिछले एक महीने से चीन के साथ लद्दाख बॉर्डर पर जारी विवाद अभी सुलझा नहीं है। बीते दिनों भारत और चीनी सेना के बीच बातचीत हुई लेकिन निर्णायक हल नहीं निकला। अब हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसी मसले पर सरकार को घेरा है। ओवैसी ने कहा कि गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को देश को सच्चाई बतानी चाहिए कि आखिर चीन के साथ क्या बात हुई है। ये चुप्पी किस बात की है।
AIMIM सांसद ने कहा कि अगर हमारी ज़मीन पर कब्जा नहीं है, तो फिर सरकार क्या बात कर रही है। देश को सच पता होना चाहिए, प्रधानमंत्री को इस मामले पर बोलना चाहिए। देश को हर बैठक के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए।
आपको बता दें कि चीन के साथ मई की शुरुआत से ही बॉर्डर पर विवाद चल रहा है। चीनी सैनिक लद्दाख में भारत की ज़मीन की तरफ आ गए हैं, जो अब बातचीत से मसला हल करने की कोशिश की जा रही है। 6 जून को दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत हुई, लेकिन अभी हल नहीं निकला है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये बातचीत अभी जारी रहेगी।
सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी ही नहीं बल्कि राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता भी चीन को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। ओवैसी ने एक बार फिर लॉकडाउन को फेल बताया और कहा कि आज देश में करीब तीन लाख से अधिक केस हो गए हैं, गुजरात की हालत काफी खराब है।
कोरोना संकट के बीच आज से देश में अनलॉक वन के दूसरे फेज़ की शुरुआत हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक स्थल खुल रहे हैं और लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। इस बीच AIMIM नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को हैदराबाद में सभी धार्मिक स्थलों में सैनिटाइज़र डिस्पेंसिंग मशीन दी।
यहां असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अपने आपको बचना हर किसी की ज़िम्मेदारी है, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और लगातार हाथ धोते रहें।
AIMIM सांसद ने कहा कि कोरोना वायरस कोई आम बुखार नहीं हैं, ऐसे में लोग इसे हल्के में ना लें। अगर कोई बीमार होता है, तो तुरंत ही अस्पताल पहुंचें।


चीन की चालः भारतीय सीमा के पास पहुंचाए हजारों सैनिक, टैंक


भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर चल रही तनातनी के बीच चीन ने हजारों सैनिकों, टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास पहुंचा दिया है। इस सैनिकों को बसों, ट्रेनों और विमानों से भारत से लगे चीन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में तैनात किया गया है। ये सब काम कुछ ही घंटों में किया गया ताकि चीन ये दिखा सके कि वह बेहद कम समय में अपनी सेना तैनात करने में माहिर है। 
चीन ने अपने हजारों पैराट्रूपर्स को चीन के मध्य प्रांत हुबेई से भारत की सीमा की तरफ पहुंचा दिया है। चीन भारत से लगी सीमाओं पर अपनी सेना की ताकत को लगातार बढ़ा रहा है।
चीन ने सीमाओं पर अपने जवानों को पहुंचाने के लिए नागरिक परिवहन सेवाओं का उपयोग किया है। चीन ने निजी बसों, निजी कंपनियों के विमानों और ट्रेन से जवानों को सीमा तक पहुंचाया है।
इन जवानों में पीएलए एयरफोर्स के पैराट्रूपर्स की टुकड़ियां भी शामिल हैं। इस जवानों की चीन ने करीब 3000 किलोमीटर की यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी करवा दी।
इनमें से ज्यादातर जवान हुबेई से इसलिए लाए गए हैं, क्योंकि चीन की ज्यादातर सेना हुबेई प्रांत में फैले कोरोना वायरस के माहौल को संभालने में लगी थी। भारतीय सीमा के पास तैनात किए गए जवानों में से हजारों जवानों ने कोरोना के गढ़ वुहान में भी ड्यूटी निभाई है।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवानों के अलावा चीन ने ट्रेनों के जरिए बड़े-बड़े टैंक्स, बख्तरबंर गाड़ियां भी सीमा के पास पहुंचाई हैं। इसके अलावा छोटे हथियारों और जवानों को विमानों से भी भारतीय सीमा के नजदीक पहुंचाया है।
जवानों और हथियारों को भारतीय सीमा तक पहुंचाने का काम चीन की सेना के मेजर कर्नल माओ ली देख रहे थे। उन्होंने चीन की सरकारी मीडिया कंपनी चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) को बताया कि हम यह देखना चाहते थे कि कितने कम समय में हम चीन के मध्य प्रांत से भारत की सीमा तक जवान, हथियार और रसद पहुंचा सकते हैं।
मेजर कर्नल माओ ली ने बताया कि हम इस काम को तय समय में पूरा करने में सफल रहे। यह हमारे लिए बड़ी बात है। वहीं, ग्लोबल टाइम्स अखबार से चीन की सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ने प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि चीन ऊंचाई वाले स्थानों पर अपनी सेना को पहुंचाने की प्रैक्टिस कर रहा है।
चीन के पास इतनी ताकत और क्षमता है कि वह अपने देश के किसी भी कोने में कहीं पर भी अपने जवानों के सही समय पर पहुंचा सकता है। यह चाहे बुरी परिस्थितियों वाली जगहें हो, ऊंचाई वाली जगह हो या कितनी भी खतरनाक जगह हो।
पूर्व चीनी वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीन सिर्फ पैराट्रूपर्स ही नहीं, अपने फाइटर जेट्स, सेना और टैंक्स आदि को भी विषम परिस्थितियों वाली जगहों पर पहुंचा सकता है। साथ ही इन्हें एकसाथ लयबद्ध तरीके से हमला करने का आदेश भी दे सकता है।
भारतीय सीमा के पास चीन की 76वीं ग्रुप आर्मी के टैंक्स तैनात किए गए हैं। ये टैंक्स पीएलए वेस्टर्न थियेटर कमांड के हैं। ये लंबे रेंज तक यात्रा कर सकते हैं और साथ ही लंबी दूरी तक गोला मार सकते हैं।
इस समय भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है। कई बार दोनों के जवान अलग-अलग जगहों चौकियों पर भिड़ चुके हैं। हाथापाई कर चुके हैं। ऐसे में चीन की ओर से की गई ये कार्रवाई उकसाने वाली है।
हालांकि, भारत और चीन की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत करके शनिवार को मामले को सुलझाने का प्रयास किया है। जो अभी तक बेहद सकारात्मक रहा है।
चीन ने भी अपने सैनिकों को आदेश दिया है कि वो बेवजह उकसावे की कार्रवाई न करें। साथ ही सीमा पर शांति स्थापित रखें।
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि चीन और भारत के सीमा विवाद को लेकर लगातार मीडिया ब्रीफिंग की जाएगी। यह बताया जाएगा कि स्थिति नियंत्रण में है।
भारत और चीन दोनों तरफ से कूटनीतिक, राजनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत चल रही है ताकि सीमा विवाद ज्यादा न बढ़े।
(फोटोः ग्लोबल टाइम्स/सीसीटीवी) (साभार आज तक)