भय बिन होउ न प्रीति!! क्या राम राज्य में गरीबों को गुलाम, मजदूर कमजोर बनाये रखने के लिए यह सूत्र था??

अयोध्या में राम मंदिर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हुआ शिलान्यास



भय बिन होउ न प्रीति
क्या राम राज्य में गरीबों को गुलाम, मजदूर कमजोर बनाये रखने के लिए यह सूत्र था??
आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत जी से पूंछता है एकलव्य मानव संदेश।



क्योंकि 


मोहन भागवत ने कहा राम सबके हैं। 
   राम सबके होतें तो आज जाति नहीं होती। 15 प्रतिशत सवर्ण आबादी के पास देश की 44 प्रतिशत भूमि नहीं होती। एससी वर्ग के पास केवल 7 प्रतिशत संपत्ति है, जबकि की देश में उनकी आबादी 25 प्रतिशत है।
   राम सबके होते तो मूलवासी दलित सम्भूक ऋषि का वध करने के बजाय उस ब्राह्मण का वध कर देते जो एक समान शिक्षा का विरोध कर रहा था। 
  राम सबके होते तो वर्ण व्यवस्था को खत्म कर समतामूलक समाज की स्थापना करते जहां सभी को एक समान अधिकार होता है!



     राम के राष्ट्र में जाति है, वर्ण व्यवस्था है, एक विशेष वर्ग को असीमित अधिकार हैं। बहुसंख्यक आबादी को गुलाम का दर्जा है, जिसके जिम्मे कठोर परिश्रम लिखा गया है, संडास साफ़ करना, गटर में उतरकर मर जाना आदि।
राम के राष्ट्र में किसान, पशुपालक, कारीगर, कामगर, मजदूर नीच हैं, अछूत हैं। शासक ब्राह्मण है जो अमानवीय तरीके से मानव को भय दिखाकर शासन करता है।


राम राज्य में ब्राह्मण (सवर्णों का) राज्य स्थापित करने के लिए सभी का सहारा तो लिया जाता है लेकिन 80 प्रतिशत हिस्सा सवर्ण वर्ग को ही देकर और सबल बनाया जाता है। और 80 प्रतिशत लोगों को 20 प्रतिशत देकर यानी सवर्ण से एक चौथाई देकर और कमजोर करके गुलामी के लिए तैयार किया जाता है। 


राम मंदिर स्थापना के लिए आडवाणी जी ने तब रथ यात्रा निकाली जब वीपी सिंह जी ने मंडल आयोग की शिफारिश लागू की थीं। जिससे आधी आबादी से ज्यादा के गरीब समाज को भी मुख्य धारा में लाकर देश को मजबूत बनाया जा सके। लेकिन हुआ इसका उल्टा, वीपी सिंह जी की सरकार चली गयी। और आज ओबीसी को पहले से ज्यादा कमजोर किया गया। राम मन्दिर के ट्रस्ट में सभी सवर्ण रखे जाना भी इसी का परिणाम है!!


क्या मोदी योगी की भाजपा सरकारों में घोटाले, रिश्वत, चोरी डकैती, अपहरण, महिला उत्पीड़न, बलात्कार पहले की सरकारों से कम हुए हैं?


क्या मोदी योगी की भाजपा सरकारों टैक्स पहले से कम हुए हैं ?


क्या मोदी योगी की भाजपा सरकारों में बेरोजगारी कम हुई है ?


क्या मोदी योगी की भाजपा सरकारों में देश का धन लूटकर भागने वालों की संख्या कम हुई है ?


क्या सभी प्रकार के घोटालों और अपराधियों में अधिकांश सवर्ण जातियों के नहीं हैं?


क्या मोदी की भाजपा सरकार अम्बानी अडानी को हर प्रकार से देश की संपत्ति पर कब्जा करने में विशेष सहयोग नहीं कर रही है ?


क्या मोदी योगी की भाजपा सरकारों में आज व्यक्ति की आय अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा खाना, अच्छा मकान, अच्छी शादी के लायक हो गई है?


डॉ. आंबेडकर के राष्ट्र में किसान मजदूर वर्ग शासक हैं।
राम सबके नहीं हैं!!
राम सिर्फ ब्राह्मणों के हैं!!
  अब तय आपको करना है रामराज चाहिए या समताराज।



राम नाम को सोशल डिस्टनसिंग के नाम पर पैरों तले रौंदा गया 5 अगस्त के उद्घघाटन कार्यक्रम में



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