स्वतंत्रता दिवस पर मोदी का भाषण नहीं था आशा के अनुरूप

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने करीब 1 घंटे 27 मिनट लंबे भाषण में आर्थिक विकास से लेकर कोरोनावायरस, महिला शक्ति से लेकर डिजिटल इंडिया और  लद्दाख में चीनी घुसपैठ से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक पर बात की। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल का यह दूसरा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा, जिसमें पीएम ने कोरोनावायरस पर बात कर भाषण की शुरुआत करते हुए कोरोनावायरस से लड़ाई जीतने की बात कही और कोरोना वॉरियर्स को नमन किया।
  पीएम ने लद्दाख में चीन की घुसपैठ की ओर इशारा करते हुए कहा कि एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है। भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है। इस संकल्प के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है। आतंकवाद, विस्तारवाद का देश डटकर मुकाबला कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमारे वैज्ञानिक वैक्सीन के लिए कड़ी तपस्या कर रहे हैं। भारत में एक नहीं, दो नहीं, तीन वैक्सीन की टेस्टिंग अलग-अलग चरण में है। वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलने के बाद इनका प्रोडक्शन होगा। यह वैक्सीन हर भारतीय तक कम से कम समय में कैसे पहुंचे उसका खाका भी तैयार है। हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर विकास की तस्वीर अलग-अलग है। कुछ क्षेत्र बहुत आगे हैं, कुछ पीछे हैं। यह असंतुलन आत्मनिर्भर भारत के आगे बड़ी चुनौती। 
   पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ.अनिल कुमार सहानी ने 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से देश को संबोधित करते हुए दिये गए भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है- कैसे होंगे देश के बेरोज़गार युवा आत्मनिर्भर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने डेढ़ घंटे के भाषण में देश के इन निम्नलिखित अहम विषयों पर एक शब्द भी नहीं बोला, आख़िर क्यों ?
 1.प्रति वर्ष दो करोड़ सरकारी नौकरी देने पर एक शब्द नहीं बोला!
 2.नीजी क्षेत्रों में आरक्षण पर एक शब्द नहीं बोला!
 3.कोरोना काल में मध्यम वर्ग एवं दिहाड़ी मज़दूरों की समस्या एवं सड़क पर हुए अत्याचार पर एक शब्द नहीं बोला!
4.देश में हर वर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ की समस्या के समाधान पर एक शब्द नहीं बोला!
प्रधानमंत्री जी देश के करोड़ों-करोड़ युवा बेरोज़गार हैं! देश के 85 प्रतिशत लोग बदहाल हैं!! तो कैसे बनेगा देश आत्मनिर्भर?
देशभक्ति केवल समझी जा सकती है!
महसूस की जा सकती है!
भसड़ मचाना देशभक्ति नहीं है !
अंग्रेजों से तो आज़ादी मिल गई, मगर हमारी असल समस्याओं- भुखमरी, गरीबी, पिछड़ापन, ऊंच नीच से कब आज़ादी मिलेगी??
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है- कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया, “जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात कर रही है, तो हमें ये भी पूछना पड़ेगा कि जो सरकार देश की 32 पब्लिक अंडरटेकिंग्स को बेच दे, रेलवे से लेकर एयरपोर्ट तक को निजी हाथों में सौंप दे, एलआईसी लेकर एफ़सीआई तक हर चीज़ के ऊपर अतिक्रमण और आक्रमण बोल दे, क्या वो इस देश की आज़ादी को सुरक्षित रख पाएगी?”
 मोदी सरकार से सवाल किया है कि सरकार प्रजातंत्र में विश्वास रखती है, क्या इस देश में सफ़र करने, कपड़ा पहनने, बोलने, सोचने और आजीविका कमाने की आज़ादी है या कहीं न कहीं उस पर अंकुश लग गया है।


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