बाँदा जेल में झूठे केस में बंद गुलबदन निषाद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

बाँदा, उत्तर प्रदेश, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट।  बाँदा जनपद के ग्राम चौकीपुरवा, मजरा डाडामऊ, थाना पेलानी निवासी जयरानी पत्नी गुलबदन  ने पुलिस अधीक्षक बाँदा को पत्र लिखकर बताते हुए मांग की है कि उनके पति एक झूठे केश में मण्डलीय कारागार बाँदा में 15 अगस्त 2020 से बन्द थे और स्वस्थ्य हालत में थे, उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं थी। दिनांक 6 सितम्बर 2020 को प्रात: 11 बजे मुझे सूचना मिली कि गुलबदन की तबियत खराब है, जेल में आकर देख जाये। जब मैं (जयरानी) अपने परिवार व घर वालों के साथ कारागार बाँदा आयी तो पता चला कि मेरे पति गुलबदन को मेडिकल कालेज बाँदा ले गये हैं और यहीं पता चला कि मेरे पति की सुबह ही मृत्यु हो गयी है। जिला कारागार के कर्मचारी/अधिकारियों की लापरवाही से मृत्यु हुयी है। आज तक हमको उनके बारे में कोई बीमारी की खबर मण्डलीय कारागार बाँदा द्वारा नहीं दी गयी। मुझे शक है कि मेरे पति की सद्धिन्ध हालत में मृत्यु हुयी है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच करायी जाये। मैं एक गरीब मजदूर घर की हूँ। पति के अलावा मेरे घर में कमाने वाला कोई व्यक्ति नहीं है। इसलिये 20 लाख रूपये का मुआवजा दिलाये जाये और दोषी लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।



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