शहीद बीएसएफ जवान विकास कश्यप की मौत पर पलटा बीएसएफ विभाग, बताया आत्महत्या, समाज में भारी रोष

शामली, उत्तर प्रदेश एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 2 सितम्बर 2020। शामली जनपद के ग्राम लांक निवासी भँवर सिंह कश्यप का बेटा विकास कश्यप 2014 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में 99 बटालियन पश्चिमी बंगाल सीमानगर एफ कम्पनी प्लाटून पोस्ट पर तैनाती थी। पिता भँवर सिंह कश्यप के अनुसार 30 अगस्त की रात के 10 बजे उन्हें पता चला कि उनके  बेटे को गोली लगी है। और वह शहीद हो गया है। ऐसी सूचना के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया। अगले दिन सूचना मिली कि उनके बेटे ने आत्महत्या की है।


    मृतक बीएसएफ जवान के पिता ने आगे बताया कि 2018 से मेरे बेटे के साथ विभाग के अधिकारियों के द्वारा साजिश रची जा रही थी। इस विषय में मेरे द्वारा राष्ट्रपति महोदय को एक पत्र लिखकर अवगत भी कराया गया था। मेरी पुत्रवधु भी बीएसएफ में ही तैनात है। मैं और मेरी पुत्रवधु को भी पूर्ण आशंका है कि मेरे पुत्र की शाजिशन हत्या की गई है। इसी क्रम में 2 सितम्बर 2020 को जब मेरे पुत्र का पार्थिव शरीर मुझे प्राप्त हुआ तो शरीर को ध्यान से अवलोकन करने पर नाखून उखाड़ने व शरीर पर चोट के गंभीर निशान देखने पर हमारा संदेह दोषियों द्वारा की गई शाजिशन हत्या पर प्रबल हो गया। इस सूचना से सम्पूर्ण इलाके में आक्रोश की भावना फैल गई है। आज हज़ारों लोगों ने एक बीएसएफ जवान के साथ कि गयी इस जघन्य अपराध पर इस धरना भी दिया।
  बीएसएफ जवान के पिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इसके लिए पत्र लिखकर शर्तो के साथ न्याय की गुहार लगाई है। जो इस प्रकार हैं-
1. विकास कश्यप को शहीद का दर्जा मिले। 
2. पुनः सक्षम चिकित्सकीय पैनल द्वारा पोस्टमार्टम हो।
3. भारत सरकार की विश्वसनीय एजेंसी के द्वारा जांच की जाय।
4. विभाग के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाय।
5. शहीद के परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिले। 
6. केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा पीड़ित शहीद के परिवार को अधिकतम आर्थिक अनुदान निर्गत किया जाय, तत्काल प्रभाव से।
7. शहीद की पत्नी को बीएसएफ के अधिकारियों द्वारा तंग न किया जाय। बच्चों के साथ निकट स्थानांतरण की मांग पुरी हो।
8. राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो।
शहीद बीएसएफ जवान का आज पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन कोई भी मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुआ।


   संवैधानिक आरक्षण मोर्चा के संयोजक ईं. देवेन्द्र कश्यप अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और परिवार के साथ हर लड़ाई में साथ देने मे वायदा किया।