उत्तर प्रदेश भर में दिए गए मझबार, तुरैहा, गौंड़, बेलदार, शिल्पकार की 17 पुकारू जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए ज्ञापन

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 14 स्तिम्बर 2020। आज उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में राज्यसभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद जी की ऑनलाइन पहल पर मझबार, तुरैहा, गौंड़, बेलदार, शिल्पकार की 17 पुकारू जातियों को अनुसूचित जाति में परिभाषित करने के लिए उत्तर प्रदेश भर में ज्ञापन दिये गए। ज्ञापन कश्यप, निषाद, बिन्द, माझी, प्रजापति, राजभर महासंघ और 7 जून 2015 को गोरखपुर के कसरबल में इन सभी जातियों की परिभाषित करने की मांग के लिए आयोजित रेल रोको आंदोलन में शहीद हुए इटावा की मड़ैया दिलीप नगर के श्री आतमराम निषाद के इकलौते पुत्र वीर शहीद अखिलेश निषाद के नाम पर बने वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट और इन जातियों के अन्य संगठनों ने जिलाधिकारियों के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रीय जी के लिए भेजे गए। 


ज्ञापन 
दिनांक 14 सितम्बर 2020
महामहिम राष्ट्रपति जी
राष्ट्रपति भवन
नई दिल्ली
द्वारा जिलाधिकारी अलीगढ़ उ.प्र.


ज्ञापन


विषयः 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में परिभाषित कराने हेतु  


महोदय,
 आपके माध्यम से ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति जी के लिए प्रस्तुत है, जो मछुवा समुदाय की उपजातियां उ. प्र. की अनुसूचित जाति की सूची के क्रम सं.-18 में बेलदार, क्रम सं-36 में गोंड, क्रम सं.-53 में मझवार, क्रम सं0-66 में तुरैहा हैं जो मछुवा समुदाय की कहार कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुवा उपजातियां क्रम सं0-18. बेलदार के साथ बिन्द, क्रम सं0-36. गोंड़ के साथ गोड़िया कहार कश्यप, बाथम क्रम सं0-53. मझवार के साथ मल्लाह केवट मांझी, निषाद मछुवा व क्रम सं0-66. तुरैहा के साथ तुरहा, धीमर, धीवर, क्रम सं. 59 पासी तरमाली के साथ भर, राजभर व क्रम सं0-65 में शिल्पकार जो कुम्हार, प्र्रजापति की पर्यायवाची उपजातियों को परिभाषित किया जाना है। उक्त जातियों का आपस में रोटी-बेटी का रिश्ता है। खान-पान, रहन-सहन एक ही है।  
  उ.प्र की 17 पिछड़ी जातियां जिसमें कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुवा, भर, और राजभर जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने हेतु उ0प्र0 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ के माध्यम से प्रश्नगत 17 जातियों के सम्बन्ध में विस्तृत अध्ययन कराया गया था। संस्थान द्वारा किये गये अध्ययन तथा उनकी रिपोर्ट भारत सरकार के पत्र सं0-12016/25/2001-एस.सी.डी.(आर.एल. सेल) यू0पी0 दिनांक-11.04.2008 द्वारा चाही गयी 18 बिन्दुओं पर सूचनाएं राज्य सरकार को उपलब्ध करायी गयी थी। 17 जातियां अनुसूचित जाति में शामिल किये जाने की सभी पात्रताएं, अर्हताएं और योग्यताएं रखती है विस्तृत नृजातीय अध्ययन रिपोर्ट सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली को 15.02.2013 को  भेजा गया था। भारत सरकार ने  महारजिस्ट्रार को विचार-विमर्श हेतु प्रस्ताव दिनांक-19.02.2013 को भेजा था। जिसमें महारजिस्ट्रार ने अपने पत्र दिनांक-24.03.2014 द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से टिप्पणी के आलोक में प्रस्ताव के औचित्य की पुनर्समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था। 
   यह बात भी गौर करने योग्य है कि ये जातियां/उप जातियां कई राज्यों में अनुसूचित जाति में हैं तो कई में अन्य पिछडे वर्ग में, इसलिए भी इन्हें एक समान अनुसूचित जाति में करने की आवश्यकता है। देश में रोजगार की कमी होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों में उक्त समुदाय के लोग निवास कर रहे हैं, जिनको सामान्य श्रेणी में गिना जाता है। इसलिए 2021 में प्रस्तावित जनगणना में जातिवार जनगणना करा कर संख्या के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। 
 अतः आपसे अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश की 17 पिछड़ी जातियां- कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुवा, भर, और राजभर जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने हेतु सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार को संसद में संविधान संशोधन विधेयक लाकर इन जातियों को अनुसूचित जाति में परिभाषित करने हेतु आवश्यक संस्तुति करने की कृपा करें जिससे वर्षों से न्याय की ताक में इन जातियों की आने वाली पीढ़ी पढ़-लिखकर अपनी सामजिक स्थिति मजबूत करने में सक्षम हो सकती है। 
 सादर,
प्रार्थीगण


भदोही में श्री राम किशोर बिंद (पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) के नेतृत्व में जिलाधिकारी भदोही के माध्यम से "कश्यप निषाद बिन्द माझी प्रजापति राजभर महासंघ" के तत्वावधान में ज्ञापन दिया गया। अलीगढ़ में 
"वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में जसवन्त सिंह निषाद, चंद्रभान सिंह कशयप और कमल सिंह निषाद, ओमप्रकाश कश्यप आदि के द्वारा प्रशाशनिक अधिकारी को सौंपा गया।
मथुरा में वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में ज्ञापन वृंदावन नरेश "महेंद्र सिंह निषाद" द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय में दिया गया।
महराजगंज महराजगंज में जिलाधिकारी कार्यालय में अपर जिलाधिकारी जी के माध्यम से "वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में विजय माझी, रामसुरत निषाद, धनंजय, राकेश निषाद, दीपक निषाद, वीरेंद्र बिंद,आदि ने ज्ञापन दिया। 



जालौन जिलाधिकारी जी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को "वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में धर्मेंद्र कुमार निषाद और अन्य ने ज्ञापन दिया। मुरादाबाद जिलाधिकारी जी के
माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी के नाम "वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में राजीव कश्यप, महीपाल सिंह कश्यप, मुकेश कश्यप, अजय कुमार, विशाल कुमार आदि ने ज्ञापन दिया।


शाहजहांपुर में महामहिम 
राष्ट्रपति जी को जिलाधिकारी जी के माध्यम से कश्यप महासभा द्वारा ज्ञापन दिया गया। हमीरपुर में जिलाधिकारी जी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को  "वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में अजय कुमार निषाद, आलोक निषाद, आशाराम निषाद, महेश निषाद, हरनाम निषाद, नंद किशोर निषाद और धर्म निषाद ने ज्ञापन दिया।
औरैया में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को  "वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट" के तत्वावधान में #ज्ञापन किशनलाल आदि ने दिया।


अलीगढ  में श्री नरेन्द्र मोदी जी  प्रधानमंत्री भारत सरकार , महामहिम राष्ट्रपति जी के लिए  कुम्हार,  प्रजापति,  कश्यप,  मांझी, निषाद, राजभर, बिन्द की अनुसूचित जाति की मांग के लिए आचार्य  पूरनमल  प्रजापति, श्री  राजेन्द्र सिंह  प्रजापति जी (पूर्व  प्रधान  अध्यापक) जिला कोषाध्यक्ष प्रजापति महासभा, श्री सुभाष चन्द्र प्रजापति एडवोकेट जी जिला महासचिव  प्रजापति महासभा, श्री  के  पी सिंह प्रजापति जी पूर्व प्रधान अध्यापक, श्री मुकेश कुमार बघेल  जी, श्री  देवराज प्रजापति पीतल मूर्ति वाले, श्री यतेन्द्र आर्य  जी, श्री नगेन्द्र आर्य जी, श्री संजय सिंह जी, श्री भगवान सिंह  कश्यप जी, श्री विशाल कश्यप जी, श्री  दीपक प्रजापति जी, श्री रामअवतार प्रजापति जिला  महासचिव प्रजापति महासभा ,श्रीओमवीर सिंह यादव जी , श्री  गोपाल आर्य जी आदि ने ज्ञापन पत्र सिटी मजिस्ट्रेट जी, नगर अलीगढ को सौंपा।
प्रयागराज में जिलाधिकारी के  माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को "कश्यप निषादन बिन्द माझी प्रजापति राजभर महासंघ" के तत्वावधान में ज्ञापन विशाल जनसमूह में दिया। मैनपुरी में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को "कश्यप निषाद युवा महासभा" के तत्वावधान में ज्ञापन  विशाल जनसमूह में दिया गया। बाँदा में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को  "कश्यप निषाद बिन्द माझी प्रजापति राजभर महासंघ" के  तत्वावधान में ज्ञापन मदन गोपाल कश्यप, रविशंकर धुरिया, अनिल कश्यप, बद्री प्रसाद धुरिया, रामगोपाल जी,बाबूराम निषाद, प्रकाश धुरिया, अजय निषाद, सुभाष देव, प्रकाश धुरिया आदि ने दिया।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को अरविंद बिंद नौजवान सभा अध्यक्ष 397 मझवा विधान सभा समाजवादी पार्टी मिर्ज़ापुर और राम गोपाल बिंद जिला उपाध्यक्ष एवं 397 मझवा विधान सभा प्रभारी समाजवादी पार्टी मिर्ज़ापुर के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।
महोबा में जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उपजिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति जी को "कश्यप निषाद बिन्द माझी प्रजापति राजभर महासंघ" के तत्वावधान में ज्ञापन दिया गया।


फतेहपुर में रविन्द्र कुमार निषाद और साथियों ने दिया ज्ञापन



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