क्यों SC/ST का आरक्षण चाहिए सम्पूर्ण निषाद वंश के लोगों को भारत देश में ??

 जैसे ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय समाज के लोग चमार, हरिजन, भाइयों के हाथ का पानी बिना जिझक के नहीं पी सकते हैं, उसी प्रकार से निषाद वंश की सभी जातियों के बारे में जब इनको पता चलता है कि ये मछुआरे हैं तो, आज़ादी के 74 साल बाद आज भी उसी तरह का व्यवहार ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय समाज के लोग निषाद वंश की सभी जाति के साथ करते हैं। 


   80 प्रतिशत निषाद वंश आज भी नदियों, झीलों, सागरों, समुद्र के किनारे जीवन यापन करते हुए किसी न किसी रूप में मछली खाने और पकड़ने में लगा रहते हुए आदिवासी समुदाय का जीवन व्यतीत करने को मजबूर है। 

   निषादों के गाँव और मुहल्लों में आज भी शिक्षा के साधनों का बड़ा अभाव है, 


जैसे भारत के परमाणु केंद्र और गंगा बैराज से 2 नहरें, निचली गंगा नहर और समानांतर गंगा नहर निकलने वाले नरौरा, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, में निषादों की आबादी लगभग 20000 है और एक भी हाई स्कूल क्या टाऊन एरिया क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल तक नहीं है, क्यों ??

                                                -एकलव्य मानव संदेश


गुड न्यूज!! 

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