समाज सेवी विजय कुमार कश्यप जी के कोरोना से निधन पर 2 मई को आयोजित ऑनलाइन श्रद्धांजलि में आप भी भाग ले सकते हैं - विशम्भर प्रसाद निषाद (राज्यसभा सांसद)

नई दिल्ली, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट। दिल्ली के प्रमुख समाज सेवी विजय कुमार कश्यप जी के कोरोना से निधन पर राज्यसभा सांसद श्री विशम्भर प्रसाद निषाद जी ने शोक व्यक्त


करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार की सहन शक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

श्री विजय_कुमार_कश्यप जी को 2 मई 2021 को ऑनलाइन श्रद्धांजलि में आप भी शामिल होकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। श्री विजय कुमार जी दिल्ली में रहते थे और वीरांगना फूलनदेवी जी के साथ भी जुड़कर समाज सेवा में लगे रहे थे। 21 अप्रैल को कोरोना से विजय कुमार जी का निधन हो गया है। 

एकलव्य मानव संदेश परिवार विजय कुमार जी के निधन पर शोक व्यक्त करता है।

Topic: Prayer Meeting in memory of Shri Vijay Kumar 

Time: May 2, 2021 04:00 PM India


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 नीचे दी गई लिंकः को किलिक करके भी आप एकलव्य मानव संदेश का ऐप डाउनलोड कर सकते हैं- https://goo.gl/BxpTre

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पैनिक हडबडाहट भारतीयों की बहुत बुरी आदत है

 ट्रेन आती है लोगों को उतरने देंगे नहीं, खुद पहले घुसेंगे, कही ट्रेन चली न जाए हम रह ना जाएं। सड़क पर थोड़ी भी जगह दिख जाए कहीं भी घुस जायेंगे, कुछ सेकंड में ही हॉर्न बजाने लगेंगे, गालिया देने लगेंगे, जैसे घर पे  बम डीफ्यूज करने जाना है, एक सेकंड की भी देरी हुई तो ब्लास्ट हो जायेगा। लॉकडाउन की बात हो तो बाजार में टूट पड़ेंगे सामान जमा करने के लिए, जैसे दुनिया ख़त्म हो रही हो।

   हमारी इसी आदत के कारण करोना भी मेनेज नहीं हो पा रहा है। केवेल 2 प्रतिशत लोगों को हॉस्पिटल में रखने, ऑक्सीजन की जरुरत होती है, केवेल 5 प्रतिशत को रेमदिसिवर की जरुरत होती है। अभी लोग पेनिक में हैं, सोचते हैं बाद में शायद बेड न मिले, ऑक्सीजन न मिले, अपने लक्षण बढ़ा चढ़ा के बताते हैं, और एडमिट होते है, कुछ तो नेता, मंत्री, कमिश्नर से जुगाड़ करके भी बेड ले रहे हैं। ऐसे कई लोगो को मैं देख रहा हूँ, जो बिलकुल स्वस्थ हैं, पर फिर भी 3-6 गुना ज्यदा पैसा दे के इंजेक्शन खरीद रहे हैं, इस डर से की बाद में कहीं हो गया तो, इंजेक्शन मिल जाए। हमारी इन्ही सब हरकतों के कारण ही कमी है, वरना जरुरतमंदों के लिए कोई कमी नहीं होती।

  जब आप घबराहट पैदा करने वाले पोस्ट विडियो फोटो शेयर करते है तो आप इसी को बढ़ावा देते हैं, कृपया न करें, सब चिताएं करोना की नहीं होतीं, 35 हजार लोगों की मृत्य रोज देश में स्वाभाविक होती है। 99.4 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं। लोगों का हौसला बढ़ाएं, घबराहट नहीं। एक समर्पित  नागरिक बनें।

दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी

आप सभी से भी अनुरोध है डबल मास्क पहनें, इस बार का कोरोना पिछले बार के कोरोना से कई गुना घातक है। सारे हॉस्पिटल भरे हुए हैं। हल्के से भी लक्षण हैं तो टेस्ट करा लें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी है लेकिन बहुत सारी भ्रामक और नुकसानदेह भी है अतः सिर्फ डॉक्टर की सलाह मानें। खुद बचिए और बचाइए।


एकलव्य मानव संदेश

खबरची मीडिया नहीं हैं, हम सामाजिक क्रांति के लिए कार्य करते हैं, इसलिए ऐसे महिला पुरुष साथी जो हमारे इस अभियान में साथ दे सकते हैं, वे अपने काम के साथ साथ हमारे प्रतिनिधि बनकर भी कार्य कर सकते हैं। अब एक नई पहल के अंतर्गत एकलव्य मानव संदेश के साथ जुड़ने वाले हर व्यक्ति का खुद का विज्ञापन एकबार हमारी मासिक पत्रिका में छापा जा रहा है। जिससे आपको देेेश और दुनिया में जान पहचान मिल सके। (अधिक जानकारी के लिए अंत में दिये गए मोबाइल और व्हाट्स नम्बरों पर कर सकते हैं) 

     एकलव्य मानव संदेश के प्रचारक, रिपोर्टर, ब्यूरो, ब्यूरो चीफ बनने पर आपको अपनी खबरों को प्रसारित करने के लिए प्रिंट और डिजिटल मीडिया के 10 प्लेटफार्म एक साथ मिल रहे हैं, जो इस प्रकार हैं- 


1. एकलव्य मानव संदेश हिन्दी सप्ताहिक समाचार पत्र।


2. एकलव्य मानव संदेश हिन्दी मासिक पत्रिका।


3. गूगल प्ले स्टोर पर ऐप - Eklavya Manav Sandesh


4. वेबसाइट - www.eklavyamanavsandesh.com


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6. यूट्यूब चैनल Eklavya Manav Sandesh (30 हजार सब्सक्राइबर के साथ)


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(पूरी जानकारी इसी खबर के अंत में दी गई है, जिनको किलिक करके आप देख सकते हैं) 

 एकलव्य मानव संदेश हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन 28 जुलाई 1996 को अलीगढ़ महानगर के कुआरसी से दिल्ली निवासी चाचा चौधरी हरफूलसिंह कश्यप जी (वीरांगना फूलन देवी जी के संरक्षक चाचा) के कर कमलों के द्वारा दिल्ली के सरदार थान सिंह जोश के साथ किया गया था। 

  अब एकलव्य मानव संदेश साप्ताहिक समाचार पत्र के साथ- साथ अपनी मासिक पत्रिका भी प्रकाशित कर रहा है, जो अतिपिछड़ी जातियों के जन जागरण के कार्य में एकलव्य मानव संदेश के ही कार्यों को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगी।

    आप भी एकलव्य मानव संदेश मासिक पत्रिका को मंगाकर सामाजिक जागरूकता अभियान में सहयोग कर सकते हैं।  पत्रिका के सदस्य बनने के लिए आप इस समाचार के अंत में दिये गए नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते हैं। 

     एकलव्य मानव संदेश का डिजिटल चैनल भी है (पूरी जानकारी इसी खबर के साथ नीचे दी जा रही है) जो डिजिटल क्रान्ति के माध्यम से देश और दुनिया में सामाजिक जागरूकता के कार्य में एक जाना माना ब्रांड बनकर उभर रहा है। 


आओ अब पत्रिकारिता के माध्यम सामाजिक एकता को मजबूत बनाएं.. 


  जिम्मेदार मीडिया की पहुंच अब सोशल मीडिया के अधिकांश साधनों के द्वारा देश और दुनिया के हर कोने में तक हो रही है, आप भी इसके साथ जूड़कर समाज को मजबूत और जागरूक कर सकते हो।


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