बाँदा में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ गांव के ही 25 वर्षीय युवक ने की दरिंदगी: सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने जताया रोष

बाँदा, उत्तर प्रदेश (Banda, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh), ब्यूरो रिपोर्ट। आज 16 मई 2021 को प्रातः बाँदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र के गाँव झंझरी पुरवा में एक 5 वर्षीय मासूम नाबालिग निषाद बच्ची के साथ गांव के ही 25 वर्षीय उमेश पुत्र रामरूप निषाद ने की दरिंदगी। लड़की की हालत गंभीर बताई गई है। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों को सरकार का कोई खोफ नहीं है और इसका उदाहरण हैं कि आएदिन कहीं न कहीं से अपराध की सूचना मिलती ही रहती है।

 (ट्विटर लिंकः https://twitter.com/JaswantSNishad/status/1393832150042963974?s=19 )

(फेसबुक लिंकः https://www.facebook.com/627179614145443/posts/1540676329462429/ )

  इस हैवानियत की घटना की जानकारी मिलते ही राज्यसभा सांसद श्री विशम्भर प्रसाद निषाद जी ने रोष व्यक्त करते हुए अपराधी को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराके, कठोर सजा की मांग महामहिम राष्ट्रपति जी से की है। 


एकलव्य मानव संदेश परिवार इस दरिंदगी की घटना पर माननीय सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद जी मांग का करते हुए कठोर कार्यवाही की मांग का समर्थन करता है। 

  एकलव्यमानव संदेश की ट्वीट के बाद बाँदा पुलिस ने बताया है कि अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक का एक वीडियो भी इस सिलसिले में जारी किया गया है। पुलिस के अनुसार बच्ची की हालत अब ठीक है। 


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पैनिक हडबडाहट भारतीयों की बहुत बुरी आदत है

 ट्रेन आती है लोगों को उतरने देंगे नहीं, खुद पहले घुसेंगे, कही ट्रेन चली न जाए हम रह ना जाएं। सड़क पर थोड़ी भी जगह दिख जाए कहीं भी घुस जायेंगे, कुछ सेकंड में ही हॉर्न बजाने लगेंगे, गालिया देने लगेंगे, जैसे घर पे  बम डीफ्यूज करने जाना है, एक सेकंड की भी देरी हुई तो ब्लास्ट हो जायेगा। लॉकडाउन की बात हो तो बाजार में टूट पड़ेंगे सामान जमा करने के लिए, जैसे दुनिया ख़त्म हो रही हो।

   हमारी इसी आदत के कारण करोना भी मेनेज नहीं हो पा रहा है। केवेल 2 प्रतिशत लोगों को हॉस्पिटल में रखने, ऑक्सीजन की जरुरत होती है, केवेल 5 प्रतिशत को रेमदिसिवर की जरुरत होती है। अभी लोग पेनिक में हैं, सोचते हैं बाद में शायद बेड न मिले, ऑक्सीजन न मिले, अपने लक्षण बढ़ा चढ़ा के बताते हैं, और एडमिट होते है, कुछ तो नेता, मंत्री, कमिश्नर से जुगाड़ करके भी बेड ले रहे हैं। ऐसे कई लोगो को मैं देख रहा हूँ, जो बिलकुल स्वस्थ हैं, पर फिर भी 3-6 गुना ज्यदा पैसा दे के इंजेक्शन खरीद रहे हैं, इस डर से की बाद में कहीं हो गया तो, इंजेक्शन मिल जाए। हमारी इन्ही सब हरकतों के कारण ही कमी है, वरना जरुरतमंदों के लिए कोई कमी नहीं होती।

  जब आप घबराहट पैदा करने वाले पोस्ट विडियो फोटो शेयर करते है तो आप इसी को बढ़ावा देते हैं, कृपया न करें, सब चिताएं करोना की नहीं होतीं, 35 हजार लोगों की मृत्य रोज देश में स्वाभाविक होती है। 99.4 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं। लोगों का हौसला बढ़ाएं, घबराहट नहीं। एक समर्पित  नागरिक बनें।

दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी

आप सभी से भी अनुरोध है डबल मास्क पहनें, इस बार का कोरोना पिछले बार के कोरोना से कई गुना घातक है। सारे हॉस्पिटल भरे हुए हैं। हल्के से भी लक्षण हैं तो टेस्ट करा लें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी है लेकिन बहुत सारी भ्रामक और नुकसानदेह भी है अतः सिर्फ डॉक्टर की सलाह मानें। खुद बचिए और बचाइए।


एकलव्य मानव संदेश

खबरची मीडिया नहीं हैं, हम सामाजिक क्रांति के लिए कार्य करते हैं, इसलिए ऐसे महिला पुरुष साथी जो हमारे इस अभियान में साथ दे सकते हैं, वे अपने काम के साथ साथ हमारे प्रतिनिधि बनकर भी कार्य कर सकते हैं। अब एक नई पहल के अंतर्गत एकलव्य मानव संदेश के साथ जुड़ने वाले हर व्यक्ति का खुद का विज्ञापन एकबार हमारी मासिक पत्रिका में छापा जा रहा है। जिससे आपको देेेश और दुनिया में जान पहचान मिल सके। (अधिक जानकारी के लिए अंत में दिये गए मोबाइल और व्हाट्स नम्बरों पर कर सकते हैं) 

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