सिद्धार्थ नाथ सिंह जी को बंगाल का खेला दिखाई देता है लेकिन अपनी सरकार का खेला अपने ही जिला में नहीं दिखाई देता!!

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश। सिद्धार्थ नाथ सिंह जी (कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार) का पैतृक और कर्मभूमि जिला प्रयागराज है। वही प्रयागराज (इलाहाबाद) महाराजा गुह्यराज निषाद राज महाराज की राजधानी, वन गमन के दौरान विपदा की घड़ी में जहाँ श्री राम जी को त्रेता युग में निषादों ने नाव द्वारा गंगा और यमुना पार लगाकर चित्रकूट को जाने में सहायता की थी, उसी प्रयागराज में और वाराणसी (काशी) में निषादों की रोजी रोटी छिनने के लिए योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने निषादों की नावों को जेसीबी से तोड़ा जा चुका है, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों निषादों को बर्बर तरीके से पीटा और मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। अब इन्ही मंत्री जी को बंगाल में भाजपा और आरएसएस द्वारा चुनाव जीतने के लिए पश्चिम बंगाल में फैलाई गयी नफरत की दुर्भावना के कारण हो रही हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। लेकिन निषादों को आज तक योगी मोदी सरकारें अपने वायदे के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण न उत्तर प्रदेश में, न मध्यप्रदेश में और न बिहार में लागू कर रहीं हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में पूर्वर्ती अखिल यादव सरकार ने 22 दिसम्बर 2016 को ही 17 अति पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा दे दिया था, जिसकी पैरवी योगी सरकार ने नहीं की और बाद में उसे मोदी सरकार के दबाव में वापिस ले लिया। 


   एकलव्य मानव संदेश सभी प्रकार की हिंसा का पुरजोर विरोध करता है और सरकारों से मांग करता है कि वोट के लिए किए गए वायदों को लागू किया करें और वायदे लागू नहीं कर पाने के कारण समाज में, निराशा उत्पन्न होने के कारण विरोध और हिंसा जन्म लेती हैं। योगी मोदी सरकारों को उत्तर प्रदेश सहित भारत के सम्पूर्ण निषाद मछुआरों को एसटी या एससी का दर्जा देकर एकरूपता के लिए तत्काल कदम उठाए, जैसे 2022 से भाजपा की उत्तर प्रदेश से विदाई के लिए निषाद मछुआरा समाज अपने कदम उठाने को मजबूर हो सकता है।

देखें वीडियो



उ.प्र. की 17 पिछड़ी जातियों को संविधान संसोधन बिल के माध्यम से अनुसूचित जाति में परिभाषित करने हेतु महामहिम राष्ट्रपति को भेजकर श्री विशम्भर प्रसाद निषाद जी (राज्यसभा सांसद) ने की मांग। 

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक, संसद रत्न से सम्मानित राज्यसभा सांसद, पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री विशम्भर प्रसाद निषाद द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश की पूर्वर्ती अखिलेश यादव सरकार ने 17 अतिपिछड़ी जातियों को सरकार की सभी योजनाओं में लाभ देने के लिए एक शासनादेश के माध्यम से आदेश जारी किया था। जो आपको एकलव्य मानव संदेश के माध्यम से यहाँ एकबार फिर प्रस्तुत किया जा रहा है। आज की उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी की भाजपा सरकार ने इन जातियों के सभी अधिकारों को छीन लिया है।

अखिलेश यादव सरकार का शासनादेश देखें- 


























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पैनिक हडबडाहट भारतीयों की बहुत बुरी आदत है

 ट्रेन आती है लोगों को उतरने देंगे नहीं, खुद पहले घुसेंगे, कही ट्रेन चली न जाए हम रह ना जाएं। सड़क पर थोड़ी भी जगह दिख जाए कहीं भी घुस जायेंगे, कुछ सेकंड में ही हॉर्न बजाने लगेंगे, गालिया देने लगेंगे, जैसे घर पे  बम डीफ्यूज करने जाना है, एक सेकंड की भी देरी हुई तो ब्लास्ट हो जायेगा। लॉकडाउन की बात हो तो बाजार में टूट पड़ेंगे सामान जमा करने के लिए, जैसे दुनिया ख़त्म हो रही हो।

   हमारी इसी आदत के कारण करोना भी मेनेज नहीं हो पा रहा है। केवेल 2 प्रतिशत लोगों को हॉस्पिटल में रखने, ऑक्सीजन की जरुरत होती है, केवेल 5 प्रतिशत को रेमदिसिवर की जरुरत होती है। अभी लोग पेनिक में हैं, सोचते हैं बाद में शायद बेड न मिले, ऑक्सीजन न मिले, अपने लक्षण बढ़ा चढ़ा के बताते हैं, और एडमिट होते है, कुछ तो नेता, मंत्री, कमिश्नर से जुगाड़ करके भी बेड ले रहे हैं। ऐसे कई लोगो को मैं देख रहा हूँ, जो बिलकुल स्वस्थ हैं, पर फिर भी 3-6 गुना ज्यदा पैसा दे के इंजेक्शन खरीद रहे हैं, इस डर से की बाद में कहीं हो गया तो, इंजेक्शन मिल जाए। हमारी इन्ही सब हरकतों के कारण ही कमी है, वरना जरुरतमंदों के लिए कोई कमी नहीं होती।

  जब आप घबराहट पैदा करने वाले पोस्ट विडियो फोटो शेयर करते है तो आप इसी को बढ़ावा देते हैं, कृपया न करें, सब चिताएं करोना की नहीं होतीं, 35 हजार लोगों की मृत्य रोज देश में स्वाभाविक होती है। 99.4 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं। लोगों का हौसला बढ़ाएं, घबराहट नहीं। एक समर्पित  नागरिक बनें।

दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी

आप सभी से भी अनुरोध है डबल मास्क पहनें, इस बार का कोरोना पिछले बार के कोरोना से कई गुना घातक है। सारे हॉस्पिटल भरे हुए हैं। हल्के से भी लक्षण हैं तो टेस्ट करा लें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी है लेकिन बहुत सारी भ्रामक और नुकसानदेह भी है अतः सिर्फ डॉक्टर की सलाह मानें। खुद बचिए और बचाइए।


एकलव्य मानव संदेश

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